अक्ष्य का पीएम से वो 5 सवाल, जिससे आप भी कहेंगे- ये कैसे सवाल पूछ रहा है भाई!

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लोकसभा चुनाव 2019 के मध्य में पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्टर अक्षय कुमार को एक इंटरव्यू दिया है। जिसमें सवालों से ज्यादा पीएम मोदी के इमेज पॉलीश करते दिखाया गया है।

इंटरव्यू देखकर ऐसा लगता है कि, यह इंटरव्यू वेल स्क्रिप्टेड है। जिसमें स्टोरी के साथ-साथ लाइट, कैमरा और एक्शन का खास ख्याल रखा गया है।

अक्षय कुमार ने पीएम मोदी से कुछ ऐसे सवाल किए जिसे राजनीतिक स्तर पर नर्सरी स्टैंडर्ड का भी नहीं मान सकते हैं।

आईए आपको अक्ष्य द्वारा पीएम मोदी से पूछे गए कुछ सवाल से रूबरू करवाते हैं।

1.अक्ष्य ने पीएम से पूछा आप सिर्फ 3-4 घंटे क्यों सोते हैं।

इस पर पीएम ने कहा, ‘मेरे डॉक्टरों की टीम भी कहती है कि मुझे नींद पर्याप्त लेना चाहिए। ओबामा जी मेरे अच्छे मित्र हैं। हम दोनों में तू तड़ाकी से बात होती है। उनका भी कहना है कि मुझे अपनी नींद पूरी लेनी चाहिए। मैंने कठिन परिश्रम किया है जीवन में और यह अभ्यास से हासिल हुआ है कि उठते ही मेरे पैर सीधे जमीन पर रहते हैं। अब मैं भी सोचता हूं कि शायद रिटायर होने के बाद मैं पहला काम यही करूंगा कि अपनी नींद कैसे बढ़ाऊं, इसके लिए कुछ परिश्रम करूंगा।’

2.सवाल- क्या आप आम खाते हैं?

जवाब- हां! बिल्कुल खाता हूं। पेड़ पर पके हुए आम खाता हूं। जिसे प्रकृति पकाती है।

3.सवाल- क्या प्रधानमंत्री को गुस्सा आता है.

जवाब- राजी, नाराजी, गुस्सा, मनुष्य के व्यवहार की चीजे हैं। अगर मैं कहूंगा कि गुस्सा नहीं होता, तो विश्वास नहीं किया जा सकता। कड़क हूं। अनुशासित हूं। किसी को नीचा दिखा कर काम नहीं कराता, बल्कि प्रेरित कर के काम करवाता हूं।

4. सवाल- अलादिन का चिराग मिल जाए तो आपकी तीन चाहत क्या होगी?

जवाब- समाजशास्त्री और शिक्षाविदों से आग्रह करूंगा कि आप कभी भावी पीढ़ी को अलादिन का चिराग वाली कहानी नहीं सुनाओ। मैं कहूंगा कि उन्हें मेहनत करना सिखाओ। यह कोई बाहर की फिलोसॉफी नहीं है। हमारे मूल में हैं। हम भारतीय मेहनतकश लोग होते हैं। 

5.सवाल- बचपन में कौन सा खेल खेलते थे? क्या कभी कंचे या गिल्ली डंडा खेला है?

जवाब – बचपन में संघ की शाखाओं में जाता था। इसमें वैज्ञानिक खेल होते हैं। खेल-खेल में मानसिक विकास होता है। खेलते-खेलते हमारे दिमाग का विकास होता है। फिर योगा से जुड़ गया। व्यक्तिगत खेल के बजाय ग्रुप वाले खेल को पसंद करता हूं। टीम के अंदर खेलने से काफी कुछ सीखना होता है। जिंदगी जीने के लिए ग्रुप वाले गेम्स खेलने चाहिए। गिल्ली डंडे खेला है, लेकिन ज्यादातर मैं नदी में तैरने चला जाता था। मुझे ऐसा लगता है 

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