कांग्रेस को शाहनवाज़ आलम जैसे माइनॉरिटी अध्यक्ष की थी जरूरत, प्रियंका गांधी की मेहनत प्रदेश में लाएगी रंग

फरमान अब्बासी लेखक✍🏻

कामयाबी घर बैठे सोचने से नहीं मिलती बल्कि उसे पाने के लिए जद्दोजहद में लगे रहना पड़ता है। मेहनत करनी पड़ती हैं, मौके पर खुद को साबित करना पड़ता हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस करीब 30 सालो से भी पहले से वजूद से बाहर हैं, लेकिन ये भी हकीकत है उसे जिंदा करने की कोशिश भी बहुत कम देखी गई । स्थानीय संगठनों की तो दुर्दशा ही खराब हैं। जिलाध्यक्षो व नगरध्यक्षो के नाम भी लोगो को मालूम नही होते थे, मगर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के प्रदेश प्रभारी की कमान सम्भालते ही कांग्रेस की राजनीति में एक अलग मोड़ आ गया। जो अल्पसंख्यक समाज कभी कांग्रेस का नाम लेना भी पसंद नही करता था, वो प्रियंका की दीवानगी में कांग्रेस की तरफ आकर्षित होता दिखने लगा। मुर्दा पड़ी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को आखिर प्रियंका ने जिंदा कर डाला, प्रदेश में युवा टीम को तैयार किया गया, मगर उस युवा टीम में सबसे ज्यादा सक्रिय व सड़को पर संघर्ष करते शाहनवाज़ आलम दिखे। जिन्हें उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष का जिम्मा मिला, उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाना शुरु किया। जिस कांग्रेस से अल्पसंख्यक समाज दूरी बनाता रहा। उस पर काम करने के लिए ऐसे नौजवान, काबिल, पढ़े लिखे मेहनती इंसान को जिम्मा सौपना कांग्रेस हाई कमान का डिसीजन सही साबित हुआ । ये भी हकीकत है कि अल्पसंखयक के मुकाबले अन्य विभाग बहुत कम सक्रिय है।

प्रदेश में शाहनवाज़ आलम की मेहनत को देखकर ऐसा लगता है जैसे कांग्रेस के सत्ता में आने की आहट हो, क्योकि अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष का योगदान ज्यादा महत्त्वपूर्ण इसलिए भी माना जाएगा, क्योकि कांग्रेस को अल्पसंख्यक समाज की बेहद जरूरत हैं। अल्पसंख्यक समाज के जुड़े बगैर कांग्रेस सत्ता हासिल नही कर सकती। इसलिए कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग उत्तर प्रदेश में महत्त्वपूर्ण विभाग माना जाता हैं। इसमे ऐसे लोगो को जिला स्तर व कार्यकारिणी में जगह मिलनी चाहिए, जो अल्पसंख्यक समाज की बेहतरी के लिए, उसके हितों के लिए, उसके जुल्मो व अत्याचार पर बेबाकी से उनकी लड़ाई लड़ने में सक्षम हो, ऐसे लोगो जिम्मेदारी कतई नही मिलनी चाहिए जिन्हें इसका अर्थ भी मालूम न हो। मेरा लिखने का मकसद सिर्फ इतना है कि निडर होकर जो नेतृत्व करने की काबिलियत रखता हो। उस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। माइनॉरिटी प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम एक पत्रकार रहे हैं। उनकी हर पहलू पर नज़र हैं। उनकी काबिलियत के दम पर ही कांग्रेस को प्रदेश में मजबूती मिल सकती हैं, उन्हें जमीन पर उतरकर ऐसे लोगो को खुद तलाश करना चाहिए तभी उनकी टीम में उनके जैसी सोच रखने वाले युवा शामिल होंगे। शाहनवाज़ आलम हर वक्त जनता के बीच रहते हैं। अलग अलग जिलों में जाकर अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को बारीकी से परख रहे हैं।

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