क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने किया अंतर्राजीय वाहन चोरों के गिरोह का खुलासा

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थाना सिविल लाइन पुलिस तथा क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने अंतर्राजीय वाहन चोरों के गिरोह का खुलासा करते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई लग्जरी कारें, मोटरसाइकिल एवं एक्टिवा स्कूटी बरामद की है। गिरोह का मुख्य सदस्य विशाल कश्यप पहले ही किसी मामले में जेल में बंद है। विशाल कश्यप पूर्व में भी कई बडे मामलों में जेल जा चुका है और एक बडे राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लडने का प्रयास कर चुका है।

आज दोपहर पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि थाना सिविल लाइन तथा क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त रूप से अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर अर्पित पुत्र स्वर्गीय आलोक अग्रवाल निवासी कंबल वाला बाग नई मंडी तथा विनोद कुमार पुत्र शांति स्वरूप निवासी मुनीम कॉलोनी नई मंडी मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो तमंचे, कारतूस, दो मारुति ब्रेजा कार, एक स्विफ्ट कार, दो बुलेट मोटरसाइकिल, एक प्लैटिना मोटरसाइकिल, एक्टिवा तथा फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की है।

एसएसपी ने बताया कि विनोद कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह पहले नई मंडी में गुड़ का व्यापार करता था। इसके बाद वह शेयर मार्केट में पैसा लगाने लगा। घाटा होने पर उसने काफी लोगों से पैसा उधार लेकर शेयर मार्केट में लगा दिया मगर यहां भी उसकी किस्मत ने काम नहीं किया, जिसके चलते उसका घाटा बढ़ता चला गया और लोगों ने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए। विनोद पैसे देने की स्थिति में नहीं था। इसी बीच उसका संपर्क विशाल कश्यप पुत्र मांगा उर्फ मांगेराम निवासी शांति नगर कूकड़ा तथा अर्पित पुत्र स्वर्गीय आलोक अग्रवाल निवासी कंबल वाला बाग नई मंडी के साथ हुआ। तीनों ने मिलकर राम प्लाजा में ऑफिस खोला तथा शेयर मार्केट का काम करने की आड़ में लोगों को चोरी के वाहन बेचने शुरू कर दिए। विशाल कश्यप पूर्व में भी वाहन चोरी तथा लूट के मुकदमे में जेल जा चुका है।

यह गिरोह नोएडा, गाजियाबाद तथा दिल्ली आदि जगह से चोरी कर लाई गई गाड़ियों पर ओएलएक्स तथा अन्य वेबसाइटों में बिकने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन आदि की जानकारी लेकर वही नंबर चोरी की गाड़ियों पर लगा कर लोगों को बेच देते थे। अभियुक्त विशाल को इसी प्रकार के प्रकरण में थाना सिहानी गेट गाजियाबाद की पुलिस द्वारा भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिसके कब्जे से कई लग्जरी कारें बरामद हुई थी।

इस गिरोह का खुलासा करने वाली टीम में थाना सिविल लाइन थानाध्यक्ष समयपाल अत्री, उप निरीक्षक अनित कुमार यादव, हेड कांस्टेबल अरविंद तथा स्वाट टीम के निरीक्षक संजीव कुमार यादव, उप निरीक्षक प्रवेश शर्मा, हेड कांस्टेबल अशोक खारी, कांस्टेबल हरविंदर कुमार, जितेंद्र कुमार, वकार, जोगेंद्र, ब्रहम प्रकाश, विनीत कपासिया, गुरनाम, अमित कुमार तथा सत्येंद्र कुमार की अहम भूमिका रही। गिरोह का एक सदस्य विशाल कश्यप कैराना विधानसभा सीट पर एक बडे राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लडने का प्रयास कर चुका है, जबकि दूसरा सदस्य अर्पित सभासद पद का चुनाव लड चुका है।

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