छितकुल लम्खागा दर्रे से सात ट्रैकर की मौत, 6 पश्चिम बंगाल से

शिमला। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में छितकुल में ट्रैकिंग के दौरान लापता 11 ट्रैकरों में से सात ट्रैकरों की मौत हो गई है ।
इनकी पहचान कर ली गई है। यह शव लम्खागा दर्रे से मिले थे।इनमें छह शव पश्चिम बंगाल से हैं।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के प्रवक्ता सुदेश मोक्टा ने आज बताया कि 17 अक्टूबर से 19 अक्टूबर के बीच हुई दुर्घटना में मृतकों, लापता और घायलों की सूची जारी की है। यह सभी ट्रैक्र्स उत्तरकाशी जिले के हरसिल से ट्रेकिंग के दौरान 17332 फीट ऊंचे लम्खागा दर्रे पर भारी बर्फबारी तथा बर्फानी तूफान में फंस गए थे।
आपको बता दें कि हिमाचल और उतराखंड में भारी बर्फबारी के बाद 11 पर्यटक लापता बताये जा रहे थे। इन्हें ढूंढने के लिए हिमाचल और उतराखंड पुलिस का संयुक्त अभियान चलाया गया था। अब दो पर्यटकों के शव किन्नौर तो 5 के शव उतराखंड में पुलिस ने बरामद कर लिये हैं। वहीं, इस हादसे में दो लोग घायल हुए हैं। दो लोग अभी भी लापता हैं।
मृतकों में से 6 पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। मृतकों की पुष्टी अनिती रावत (38) निवासी हरिनगर, तन्मय तिवारी (30), निवासी कोलकता, विकास मकल (33) निवासी पश्चिम 24 परगना, सौरब घोष (34) निवासी पश्चिम 24 परगना, शुभायन दास (28) निवासी कालीघाट, रिचर्ड मंडल (31) निवासी पश्चिम बंगाल और उपेंद्र निवासी (22) उतरकाशी के रूप में हुई है। वहीं, दिवेंद्र चैहान निवासी उतरकाशी और मिथुन दारी निवासी पश्चिम 24 परगना घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि सेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ के 32 जवानों ने संयुक्त रेस्क्यू आ़ँपरेशन में हेलीकॉप्टर और पर्वतारोहण बचाव अभियान की मद्द से इन ट्रैकर्स को निकाला है। यह अभियान पिछले तीन दिन तक चलाया गया।
उनके अनुसार गत दिवस दो ट्रैकर्स के शव लम्खागा दर्रे से बरामद किए थे जिनका सांगला में पोस्टमाॅर्टम के लिए लाया गया है। उन्होंने बताया कि दो ट्रेकर्स अभी भी लापता हैं और दो को रेस्क्यू कर लिया गया है। लापता व्यक्तियों में पश्चिम बंगाल से सुकेन्ह मांझी (43), उत्तरकाशी से ज्ञान चंद (33) शामिल हैं। दोनों ही प्रदेशों की पुलिस अब भी इन्हें ढूंढने में लगी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here