जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ाः परिवार नियोजन को लेकर महिलाएं ज्यादा संजीदा

शामली। जनपद में 11 जुलाई से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा चल रहा है, जिसको लेकर पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक संजीदा नजर आ रही है। जनसंख्या स्थिरता के लिए वह खुद परिवार नियोजन अपना रही हैं। इसमें गर्भ निरोधक गोलियों के साथ साथ नसबंदी भी शामिल है। वहीं सरकार की तरफ से वर्तमान में परिवार नियोजन के लिए जिला चिकित्सालय व महिला चिकित्सालय में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार हांडा ने बताया सभी पांचों ब्लॉकों (ऊन, कांधला, थानाभवन, कैराना में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत अभियान जोरों पर है। इसके तहत आशा-आशा संगिनी, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दंपति को परिवार नियोजन के बारे में जागरूक कर रही हैं तथा परिवार नियोजन के निशुल्क साधन भी वितरित किए जा रहे हैं। इस अभियान में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की भागीदारी ज्यादा नजर आ रही है। आंकड़ों के मुताबिक 11 जुलाई से 15 जुलाई तक 246 महिलाओं ने आईयूसीडी अपनाई है, जबकि 92 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी पर भरोसा जताया है। 47 महिलाओं ने अंतरा अपनाकर परिवार नियोजन को बढ़ावा दिया है। वहीं पुरुषों को पछाड़ते हुए 24 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। नसबंदी में पुरुषों का आंकड़ा शून्य है।
उन्होंने बताया जो महिलाएं अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन की सुविधा लेनी चाहेंगी, उन्हें आशा स्वास्थ्य इकाई तक लेकर जाएंगी। ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सत्र के दौरान स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर गर्भनिरोधक साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि घरों पर दस्तक देने के दौरान मास्क जरूर लगाएं। हाथों को बार-बार साबुन से धोएं। कम से कम दो गज की दूरी बनाकर बात करें। घर की कुंडी या दरवाजा न छूएं। आवाज देकर ही परिवार के सदस्यों को बुलाएं और उनसे बात करें।

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