ज्वाएंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के नये आयाम

ग़ाज़ियाबाद : टोटल ज्वाएंट रिप्लेसमेंट (टी जे आर) सर्जरी अपंग बना देने वाले आर्थराइटिस बीमारी के इलाज के क्षेत्र में हुए एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। टोटल ज्वाएंट रिप्लेसमेंट सर्जरी न सिर्फ अपंग बना देने वाले आर्थराइटिस के दर्द एवं कष्ट से रहत दिलाती है, बल्कि जोड़ को एक नया जीवन देकर जिन्दगी स्तर में आश्चर्यजनक रूप से सुधार लाती है।ग़ाज़ियाबाद स्थित अटलांटा हॉस्पिटल के ओर्थपेडीक सर्जन डॉ अमित त्यागी बताते हैं हाल के वर्षो में ज्वाएंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की प्रक्रिया में काफी कुछ क्रांतिकारी प्रगति हुई है। अभी तक आम तौर पर घुटने एवं हिप के जोड़ों का ही प्रतिस्थापन होता था लेकिन अब कंधे, कोहनी, कलाई, अंगुली और टखने के जोड़ों को भी बदला जाने लगा है। धातु पर धातु, सेरेमिक पर सेरेमिक जैसे कुछ नये पहलुओं के उभरने और क्रांस लिक्ड पोली एथिलीन के विकास की वजह से घिसने की दर में कमी और एक बेहतर निम्र घर्षण कृत्रिम जोड़ का निर्माण भी हुआ व जोड़ों की जीवन अवधि भी बढ़ी। इस तरह इन जोड़ों को अपाहिज बना देने वाले आर्थराइटिस से पीडित कम उम्र के मरीजों में प्रत्यारोपण करना भी आसान हो गया है। गाजियाबाद स्थित अटलांटा हॉस्पिटल में टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी कम पैसों में और आधुनिक तरीकों से सुविधा उपलब्ध है। जिसके चलते गाजियाबाद इलाके के पास के मरीजों में टोटल नी रिप्लेसमेट सर्जरी कम खर्च में हो रही है। और मरीज़ इसके उपयोग से पूर्ण रूप से स्वस्थ्य जीवन जी रहे हैं ।

डॉ त्यागी के मुताबिक अगर बात करें तो समकालीन टोटल नी रिप्लेसमेंट(टी के आर)जो कि वर्तमान में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली ऑर्थोपेडिक शल्य चिकित्सा है। हालांकि टी के आर का लक्ष्य आसान है लेकिन उसे पूरा करने का साधन जटिल है और शल्य चिकित्सकों तथा अभियंताओं को मानवीय जोड़ों जैसे अंग तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। प्रक्रिया की कामयाबी न सिर्फ सर्जन और उसकी टीम की कार्य कुशलता पर निर्भर करती है बल्कि तैयार किए गए जोड़ की डिजाइन तथा संयंत्रों से भी उसका खासा संबंध है। दरअसल एक वैज्ञानिक रूप से ठीक डिजाइन के साथ आसानी से इस्तेमाल होने वाले संयंत्रों एवं तकनीकों का होना भी जरूरी है, जिसकी वजह से सटीकता तथा फिर से पहले जैसा होने की क्षमता आती है।

आर्थोपेडिक सर्जरी में घुटने की शल्य चिकित्सा को लेकर अगर बात करें तो एक और जरूरी विकास हुआ है जिसे यूनी-कमपार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंट कहते हैं। जिस तरह से पिछले तीन दशकों के दौरान अच्छे परिणाम देकर दुनिया भर में अपने को साबित किया है। बदले जाने वाले अंगों में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों तथा उनके डिजाइनों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर शोध कार्य चल रहे हैं ताकि वे जितना संभव हो सके उतनी सुगमता एवं सामान्य ढंग से कार्य कर सकें। अनुमान है कि आने वाले समय में और अधिक प्रतिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता एवं प्रोसथेसिस की कम दर टी जे आर के इलाज के बहुत ही लोकप्रिय विकल्प के रूप में स्थापित होगी।

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