त्रिपुरा / हाईकाेर्ट ने राज्य के मंदिराें में जानवराें की बलि पर राेक लगाई, कहा- बलि देना धर्म का अभिन्न हिस्सा नहीं!

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काेर्ट ने कहा- राज्य सरकार सहित किसी भी व्यक्ति काे किसी भी मंदिर या उसके आसपास जानवराें या पक्षियाें की बलि नहीं देने दी जाएगी’माता त्रिपुरेश्वरी मंदिर में राेज एक बकरा देना या अन्य माैकाें पर दूसरे मंदिराें में जानवर देने की इजाजत संविधान नहीं देता है’

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अगरतला. त्रिपुरा हाई काेर्ट ने राज्य के सभी मंदिराें में जानवराें या पक्षियाें की बलि राेक लगा दी है। काेर्ट ने कहा कि राज्य सरकार सहित किसी भी व्यक्ति काे किसी भी मंदिर या उसके आसपास जानवराें या पक्षियाें की बलि नहीं देने दी जाएगी।

चीफ जस्टिस संजय कराेल और जस्टिस अरिंदम लाेध की बेंच ने शुक्रवार काे जारी आदेश में कहा कि राज्य सरकार किसी धार्मिक प्रथा से जुड़ी आर्थिक, वित्तीय, राजनीतिक या धर्म निरपेक्ष गतिविधि काे ही रेगुलेट कर सकती है। धार्मिक स्थल की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति वाली गतिविधियाें तक ही सरकार की भूमिका सीमित है। माता त्रिपुरेश्वरी मंदिर में राेज एक बकरा देना या अन्य माैकाें पर दूसरे मंदिराें में जानवर देने की इजाजत संविधान नहीं देता है। बलि के लिए जानवर देने का अधिकार धर्म का अभिन्न और अनिवार्य हिस्सा नहीं है।

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