दूसरे विभागों में भी हो सकेगी मृतक आश्रितों की नियुक्ति, योगी कैबिनेट का फैसला

लखनऊ। नौकरी के दौरान जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारियों के आश्रितों को अब दूसरे विभागों में भी नौकरी मिल सकेगी। इसके लिए भर्ती नियमावली में राज्य सरकार के संशोधन के प्रस्ताव को योगी कैबिनेट ने गुरुवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी।

प्रदेश में राज्य कर्मचारियों के सेवाकाल के दौरान दिवंगत होने पर उनके आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर उसी विभाग में समूह घ या शैक्षिक अर्हता के आधार पर समूह ग की नौकरी देने की व्यवस्था है। लेकिन कुछ विभागों पद रिक्त नहीं होने के कारण मृतक आश्रितों को नियुक्ति देने में परेशानी हो रही है।

ऐसे में कार्मिक विभाग ने मृतक आश्रितों को दूसरे विभागों में समूह ग और घ के रिक्त पदों पर नियुक्ति देने के लिए उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली 1974 में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा था जिसे आज मंजूरी मिल गई।

इस संशोधन के बाद अब जिस विभाग के कर्मचारी की मृत्यु हुई है यदि वहां समूह ग या घ में आश्रित की योग्यता के अनुसार रिक्त पद उपलब्ध नहीं है तो दूसरे विभाग में जहां पद रिक्त होंगे उन्हें वहां नियुक्ति दी जा सकेगी।

रिवर क्रूज, फार्म स्टे और कारवां टूरिज्म भी अब होंगे पर्यटन इकाई

उप्र पर्यटन नीति-2018 में पर्यटन इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन देने के लिए योगी कैबिनेट ने आज पर्यटन नीति में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। नीति में संशोधन के बाद अब हाइवे पर स्थित मोटल और रेस्तरां को भी पर्यटन इकाई मानने के साथ कारवां टूरिज्म (छोटी बसों, ट्रकों और कंटेनर को होटल के कमरे का रूप देना), फार्म स्टे (खेतों में टेंट लगाकर ठहराने की व्यवस्था) और रिवर क्रूज को भी पर्यटन इकाई माना जाएगा। साथ इन सब को नीति के तहत मिलने वाले लाभ भी दिए जाएंगे।

काशी विश्वनाथ मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए 55 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर

योगी सरकार ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए 55 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इसकी भी मंजूरी दे दी गई।

अन्य प्रमुख फैसले

-इसके अलावा राज्य सरकार ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन देशी शराब के लिए 18 प्रतिशत शीरा आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूर करवाया है। इसके लिए नई शीरा नीति 2021-22 को मंजूरी दी गई है।

-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत झांसी की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की तरह अब पूर्वांचल के बलिया, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र में भी महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिये मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों का संचालन कराया जाएगा।

-राज्य सरकार मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराएगी। इसके लिए नगर विकास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के घटक ‘स्व स्थाने मलिन बस्ती पुर्नविकास नीति-2021’ तैयार किया है। इस नीति को भी कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है।

Related Articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles