नौसेना को मिला स्वदेशी जहाज गाइडेड मिसाइल विध्वंसक ”विशाखापत्तनम”

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने पहला पी-15बी स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक सौंप दिया है। ”विशाखापत्तनम” नाम के इस जहाज का निर्माण और डिलीवरी स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रमों के मद्देनजर सरकार और नौसेना के लिए मील का पत्थर है।

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने नौसेना को यह जहाज गुरुवार को दिया लेकिन इसकी जानकारी शनिवार देर रात को एक आधिकारिक बयान में दी गई है। भारतीय नौसेना ने ट्वीट करके बताया है कि मुंबई के मझगांव डॉक में निर्मित पहला स्वदेशी गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पी-15बी जहाज ”विशाखापत्तनम” 28 अक्टूबर को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। इस जहाज में अपने डेक से निर्देशित विमान भेदी मिसाइलों को लॉन्च करने की क्षमता है।

नौसेना ने अपने दूसरे ट्वीट में यह भी कहा है कि विध्वंसक को अपने बेड़े में शामिल करने से न केवल भारतीय नौसेना की युद्धक तैयारी में वृद्धि होगी, बल्कि ”आत्मनिर्भर भारत” के नजरिए से भी भारत की बड़ी छलांग है।

भारतीय नौसेना के लिए मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) से प्रोजेक्ट 15बी श्रेणी के 04 निर्देशित मिसाइल विध्वंसक का निर्माण करने के लिए जनवरी, 2011 में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे। आईएनएस विशाखापत्तनम (डी 66) नामक पहले जहाज के लिए कील अक्टूबर 2013 में रखी गई थी। इस जहाज को अप्रैल 2015 में लॉन्च किया गया था। प्रोजेक्ट 15बी जहाजों में कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक के पतवार की डिजाइन को बरकरार रखा गया है, लेकिन इसमें उन्नत स्टील्थ सुविधाओं और उच्च स्तर की स्वचालन शामिल होगी। इन्हें नौसेना डिजाइन निदेशालय ने स्वदेशी रूप से डिजाइन किया है जो बेहतर तरीकों से समुद्र की सुरक्षा करेंगे।

स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक की खासियत

प्रवक्ता के अनुसार जहाज में लगा राडार, चिकना पतवार, अत्याधुनिक सेंसर पैकेज और हथियार इसे तकनीकी रूप से दुनिया के सबसे उन्नत निर्देशित मिसाइल विध्वंसक में से एक बनाते हैं। इसमें लगाई गई महत्वपूर्ण स्वदेशी सामग्री, युद्धपोत की डिजाइन जहाज निर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। प्रत्येक पोत 7,300 टन के विस्थापन के साथ 163 मीटर लंबा और 17.4 मीटर चौड़ा होगा। जहाजों का संचालन 300 नौसैन्य कर्मियों की टीम करेगी, जिसमें 50 अधिकारी और 250 नाविक शामिल होंगे। आपात स्थितियों के लिए जहाज में कई फायर जोन, युद्ध क्षति नियंत्रण प्रणाली (बीडीसीएस) और बिजली प्रणालियां लगाई गई हैं। जहाज पर लगाई गई वायुमंडलीय नियंत्रण प्रणाली चालक दल को रासायनिक, जैविक और परमाणु खतरों से बचाएगी।

आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली

यह जहाज एक आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली (सीएमएस) को एकीकृत करेगा, जो खतरे का मूल्यांकन करके बोर्ड पर उपलब्ध सामरिक चित्र और हथियार पैकेज के आधार पर संसाधनों का आवंटन करेगा। शिप डेटा नेटवर्क (एसडीएन) सभी सेंसर और हथियारों से डेटा ले जाएगा।

प्रोजेक्ट 15बी वेपन सिस्टम

जहाज की प्राथमिक मारक क्षमता सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एसएएम) बराक 8 और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल (एसएसएम) ब्रह्मोस के संयोजन में समुद्र आधारित लंबी दूरी के लक्ष्यों को निशाना बनाएगी। जहाज पर दो 16-सेल वर्टिकल लॉन्चर कुल 32 बराक 8 मिसाइलों को लॉन्च करने में सक्षम होंगे, जबकि दो आठ-सेल यूनिवर्सल वर्टिकल लॉन्चर मॉड्यूल 16 ब्रह्मोस एसएएम के लॉन्च की अनुमति देंगे।

फॉरवर्ड बो डेक को 127 मिमी. मुख्य बंदूक के साथ लैस किया गया है, जबकि करीबी रक्षा क्षमता के लिए 30 मिमी. की चार एके-630 बंदूकें लगाई गई हैं। विध्वंसक को पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू) क्षमता प्रदान करने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित 533 मिमी. टारपीडो लांचर और आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से भी लैस किया गया है।

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