प्रधानमंत्री ने राजस्थान को दी चार नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान के बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़ और दौसा जिलों में चार नए मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला रखी। उन्होंने सिपेट (सीआईपीईटी): पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर का उद्घाटन भी किया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 100 साल की सबसे बड़ी महामारी ने दुनिया के हेल्थ सेक्टर को बहुत कुछ सिखाया है। हर देश अपने-अपने तरीके से इस संकट से निपटने में जुटा है। भारत ने इस आपदा में आत्मनिर्भरता का, अपने सामर्थ्य में बढ़ोतरी का संकल्प लिया है। गुजरात में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में देश के हेल्थ सेक्टर की जो कमियां मुझे अनुभव होती थी, बीते 6-7 सालों से उनको दूर करने की निरंतर कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश के स्वास्थ्य सेक्टर को ट्रांसफॉर्म करने के लिए हमने एक राष्ट्रीय अप्रोच, एक नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पर काम किया। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर आयुष्मान भारत और अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तक, ऐसे अनेक प्रयास इसी का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि चाहे एम्स हो, मेडिकल कॉलेज हो या फिर एम्स जैसे सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल हों, इनका नेटवर्क देश के कोने-कोने तक तेजी से फैलाना बहुत जरूरी है। आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि 6 एम्स से आगे बढ़कर आज भारत 22 से ज्यादा एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से राजस्थान को 4 नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात मिल रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए 2000 से अधिक छात्रों को इन मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश में 127 कॉलेज निर्माणाधीन हैं। पेट्रोकेमिकल्स प्रौद्योगिकी संस्थान जयपुर के संबंध में उन्होंने कहा कि इससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य को विकास से जोड़ना बड़ा कदम है।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में 30 मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें सामाजिक सुरक्षा को आगे बढ़ाने की जरुरत है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राजस्थान को महत्वपूर्ण तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत के अभियान में मील का पत्थर साबित होगा। राजस्थान में बनने वाले चार नए मेडिकल कॉलेजों को ‘‘जिला अथवा रेफरल अस्पतालों से जुड़े नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना’’ के लिए केन्द्र-प्रायोजित योजना के तहत स्वीकृत किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना में पिछड़े एवं वांछित जिलों को प्राथमिकता दी जाती है। योजना के तीन चरणों के तहत, देश भर में 157 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। राजस्थान सरकार के साथ, भारत सरकार ने सिपेट : पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर की स्थापना की है। यह आत्मनिर्भर है और पेट्रोरसायन तथा संबद्ध उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित है। यह युवाओं को कुशल तकनीकी पेशेवर बनने के लिए शिक्षा प्रदान करेगा।

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