बादाम है सेहत का उपहार

नयी दिल्ली। दिवाली का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है तोहफे के लेन-देन की पुरानी परंपरा। वैसे अपनों के साथ दिवाली मनाने से ज्यादा अच्छा कुछ और नहीं हो सकता, लेकिन सोच-समझकर और ध्यान से चुनकर दिये गये तोहफे त्यौहार की रौनक को और बढ़ा देते हैं।
बादाम को अच्छी सेहत का उपहार माना जाता है क्योंकि यह विटामिन ई, डाइटरी फाइबर, प्रोटीन, राइबोफ्लेविन, मैगनीज, फोलेट जैसे 15 पोषक तत्वों का स्रोत होता है। वर्षों के वैज्ञानिक शोधों से यह पता चला है कि नियमित रूप से बादाम खाने से कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ मिलते हैं, जिसमें हार्ट हेल्थ, डायबिटीज, स्किन हेल्थ और वेट मैनेजमेंट शामिल है।
बॉलीवुड अभिनेत्री सोहा अली खान ने का कहना है, “जिस तरह से भारत में धीरे-धीरे चीजें खुल रही हैं मुझे उम्मीद है कि मैं अपने परिवार और अपनों के साथ एक सुरक्षित दिवाली मना पाऊंगी। त्योहारों का एक महत्वपूर्ण पहलू होता है तोहफों का लेन-देन और मैं इस बात का ध्यान रखती हूं कि ऐसे तोहफे दूं जो हेल्दी लाइफस्टाइल के लिये प्रेरित करें। मेरे लिये बादाम पहली पसंद रही है और बनी रहेगी क्योंकि ये विविधता और पोषण से भरपूर होते हैं। इन्हें आसानी से कई सारी भारतीय रेसिपी में शामिल किया जा सकता है, भूख लगने पर एक स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है या फिर त्यौहार की खुशियां बांटने के लिये मेहमानों को भी परोसा जा सकता है। इसके अलावा, बादाम इम्युनिटी देने वाले पोषक तत्व जैसे जिंक, फॉलेट, विटामिन ई और आयरन के लिये जाने जाते हैं, जो इसे किसी के लिये भी और सबके लिये एक बेहतरीन तोहफा बनाते हैं।”
मैक्स हेल्थ्केयर दिल्ली के डायटिक्स की रीजनल प्रमुख ॠतिका समद्दर के अनुसार, दिवाली के त्योहार का मतलब होता है ढेर सारी मिठाइयां और फ्राईड फूड। तोहफे में बादाम देने से अपनों को अच्छी सेहत की शुभकामना का संदेश मिलता है और पूरे त्योहार के दौरान अच्छी सेहत देता है। बादाम को खासतौर से हार्ट हेल्थ के लिये बेहतर माना जाता है। एक अध्ययन के अनुसार, हर दिन 42 ग्राम बादाम खाने से बुरे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को काफी कम करने में मदद मिलती है। साथ ही पेट और कमर की चर्बी भी कम होती है। इन्हें दिल की बीमारी के प्रमुख कारक के रूप में माना जाता है।
फिटनेस एवं सेलिब्रिटी इंस्ट्रक्टर यासमीन कराचीवाला कहती हैं, “दिवाली अपनों के साथ जुड़ने और नई यादें बनाने का एक अद्भुत अवसर होता है लेकिन नवरात्रि, दशहरा, दुर्गा पूजा और अब दिवाली, एक के बाद एक लगभग एक महीने का उत्सव कई लोगों के रूटीन और हेल्थ के उस क्रम को तोड़ देता है। इससे बचने के लिये इन तैयारियों के बीच भी हर दिन कम से कम 30 मिनट से एक घंटे का व्यायाम जरूर करें। यह एक वॉक पर चले जाना, घर पर वर्क आउट करना या फिर वर्कआउट के लिये जिम में जाने जैसी आसान चीजें हो सकती हैं। इसके अलावा, अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ बादाम जैसे पोषण से भरपूर तोहफे बांटना ना भूलें। बादाम प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत होते हैं, जो इसे हेल्दी और संतुष्टि देने वाले स्नैक बनाते हैं, और खाने के बीच में भी इसे आसानी से खाया जा सकता है। इससे जरूरत से ज्यादा खाना खाने से भी बच जायेंगे।”
इंटीग्रेटिव न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ कोच नेहा रंगलानी ने कहा, “दिवाली उत्सव का मतलब बहुत सारी तैयारी, प्लानिंग और मिलना-जुलना होता है, ऐसे में हमें अपने ऊर्जा के स्तर को पर्याप्त बनाये रखना जरूरी है। मेरा सुझाव है कि भूख लगने पर स्नैक्स के लिये मुट्ठी भर बादाम पास में रखें ताकि उत्सव में शामिल होने के लिये दिन भर खुद को ऊर्जावान बनाए रखा जा सके।”
न्‍यूट्रीशन और वेलनेस कंसल्टेंट शीला कृष्णास्वामी ने कहा, “परंपरागत रूप से, त्योहारों और विशेष अवसरों के दौरान बादाम को एक शुभ उपहार के रूप में माना जाता है। बादाम उपहार में देना अच्छी सेहत देने के समान है। यह उपहार देने वाले की देखभाल और चिंता का प्रतीक है। बादाम जैसे उपहार न केवल एक पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ते के रूप में काम आयेंगे बल्कि इससे यह भी पता चलेगा कि आपको इसे लेने वाले और उनके परिवार की संपूर्ण सेहत का ख्याल है।”

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