बीमारी के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से करें संपर्क : सीएमओ

मुजफ्फरनगर। मानसून में तापमान में बार-बार बदलाव की वजह से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी रखना जरूरी है। बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश होने के कारण कई जगहों पर पानी जमा हो गया है। पानी एकत्र होने से डेंगू व मलेरिया जैसे मच्छर पनपने लगते हैं। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ता है। कोरोना के साथ-साथ अन्य बीमारियों को भी गंभीरता से लेते हुए सेहत की देखभाल जरूरी है। इसी के चलते कोरोना के बीच डेंगू और मलेरिया से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। सरकारी कार्यालयों में भी अभियान चलाकर कूलर में पानी जमा न होने देने, मच्छऱों से बचाव आदि के विषय में जानकारी दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया- बारिश में जगह-जगह पानी इकट्ठा हो जाने से डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियां फैलने की आंशका काफी प्रबल हो जाती है। इसलिए इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। यदि बुखार और बदनदर्द के साथ कंपकंपाहट हो रही हो तो तुरंत चिकित्सक से सलाह ले और उपचार कराएं। मच्छरों के काटने से खुद का बचाव करना इसकी रोकथाम का पहला मंत्र है। इसके लिए रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग, घर के आसपास पानी न इकट्ठा होने देना और नालियों में डीडीटी का छिड़काव जैसे तरीके अपनाए जा सकते हैं। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी-पीएचसी) पर इलाज व जांच की सुविधाएं उपलब्ध है। बीमारी के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने में ही समझदारी है।
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया- स्वास्थ्य विभाग सरकारी कार्यालयों में अभियान चला कर अधिकारियों कर्मचारियों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है, जिसमें कूलर में पानी जमा न होने देने, मच्छऱों से बचाव आदि के विषय में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि बरसात में जगह-जगह पानी इकट्ठा हो जाने से, हवा में नमी की वजह से, गंदगी आदि के बढ़ जाने से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी-जुकाम, बुखार, डेंगू, मलेरिया आदि इस मौसम में होने वाली आम बीमारियां हैं, जिनसे बचाव करने में जरा सी भी असावधानी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया- पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष (2021) डेंगू और मलेरिया पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। इसकी मुख्य वजह कोरोना काल में लोगों में साफ-सफाई के प्रति पैदा हुई जागरूकता भी है। जिला वेक्टर जनित रोग परामर्श दाता अहतिशाम खान ने बताया- वर्ष 2020 में जहां डेंगू के 39 केस सामने आये थे, वहीं इस वर्ष अबतक डेंगू का एक केस सामने नहीं आया है।

जिले में डेंगू व मलेरिया की स्थिति
2018 डेंगू-7 मलेरिया-199
2019 डेंगू-34 मलोरिया-100
2020 डेंगू-39 मलेरिया-3
2021 डेंगू-0 मलेरिया-2

रखें ध्यान
-कूलर, बाल्टी, घड़े, टंकियों का पानी बदलते रहें
-घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें
-कहीं पानी जमा है तो उसे मिट्टी से पाट दें
-जमा पानी में केरोसिन या जला हुआ मोबिल आयल डालें
-शरीर पर मच्छर निरोधक क्रीम, सरसों या नीम का तेल लगाएं
-घर में नीम की पत्ती का धुआं करें
-पूरे बांह की शर्ट और पैंट पहनें
-बच्चों को शाम के वक्त मोजे जरूर पहनाएं
-बुखार एक दिन से ज्यादा रहे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
-बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवा न लें

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