मालेगांव बमधमाका: NIA कोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर सहित सभी आरोपियों को हर हफ़्ते पेश होने के लिए कहा

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मुंबई में स्थित एनआईए-NIA की विशेष अदालत ने 2008 में हुए मालेगांव धमाके के सभी आरोपियों को हफ्ते में एक बार जरूर अदालत में पेश होने के लिए कहा है और आरोपियों में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और अन्य भी शामिल हैं और साथ ही अदालत ने उनके कोर्टरूम में मौजूद न होने पर निराशा जताई और मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।

आपको मालूम हो इससे पहले एनआईए-NIA कोर्ट ने लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित द्वारा दस्तावेज प्राप्त करने के लिए दाखिल याचिका को खारिज कर दिया था और अदालत ने कहा था कि, यह ट्रायल को लंबा खींचने के लिए आवेदक का यह गोपनीय एजेंडा है। आपको बता दें कि, पुरोहित ने अपनी याचिका में एटीएस-ATS और एनआईए-NIA चार्जशीट के सभी गवाहों के बयान मांगे थे। 

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आखिर क्या है पूरा मामला

आपको मालूम हो रमजान के दौरान मालेगांव के अंजुमन चौक और भीखू चौक पर 29 सितंबर 2008 को सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि 101 लोगों से अधिक घायल हुए थे। इन धमाकों की शुरुआती जांच महाराष्ट्र एटीएस-ATS ने की थी और उनके अनुसार धमाकों में एक मोटरसाइकिल प्रयोग की गई थी, जिसके बारे में ये खबर आई थी कि, वो मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाम पर थी।

इस मामले में साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित समेत सात अन्य लोग अभियुक्त बनाए गए थे और बाद में इस जांच को भी महाराष्ट्र एटीएस-ATS से एनआईए-NIA ने अपने पास ले लिया था। वहीँ 13 मई 2016 को एनआईए-NIA ने एक नई चार्जशीट में रमेश शिवाजी उपाध्याय, समीर शरद कुलकर्णी, अजय राहिरकर, राकेश धावड़े, जगदीश महात्रे, कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी उर्फ स्वामी दयानंद पांडे सुधाकर चतुर्वेदी, रामचंद्र कालसांगरा और संदीप डांगे के खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा भी किया था।

इसके अलावा साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, शिव नारायण कालसांगरा, श्याम भवरलाल साहू, प्रवीण टक्कलकी, लोकेश शर्मा, धानसिंह चौधरी के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक सबूत नहीं होने की बात कही गई थी और दिसंबर 2017 में मालेगांव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित पर से मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) हटा लिया गया।

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