योगी ने भाजपा के सम्मेलन में विपक्ष से पूछे सवाल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को भाजपा की तरफ से आयोजित सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय कल्याण सिंह को याद किया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का जन्म और पालन पोषण लोधी समाज में हुआ लेकिन वह धर्म और राष्ट्र के लिए जिये।

योगी ने कहा कि बाबू जी के जीवन को देखकर यह कहा जा सकता है कि लोधी समाज धर्म और समाज के लिए लड़ने-जीने वाला है। इसी प्रकार अवंती बाई का नाम भी लिया जाता है। कल्याण सिंह ने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया। वह धर्म और राष्ट्र के लिए जिये। बुलंदशहर के मेडिकल कॉलेज का नाम कल्याण सिंह के नाम पर किया गया है। बहुत शीघ्र ही उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब कोई आपराधिक मानसिकता के साथ काम करता है तो वह सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न करता है। 2017 के पहले की सरकारों में उत्तर प्रदेश ने देखा है। समाज का प्रत्येक व्यक्ति तबाह होता था। 2017 में बिगड़ी हुई व्यवस्था मिली थी। लोग पूछते थे कि कैसे होगा ? हम कहते थे स्वर्गीय बाबू जी ने यहां सरकार चलाकर नजीर पेश की है। उन्हीं के बताए रास्ते में हम भी कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने उसे पूरा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य अब हो रहा है, वह पहले की सरकारों में भी हो सकता था। कोरोना काल के दौरान केवल हमारी सरकार और उसके अलावा भाजपा और आरएसएस जैसे संगठन ही काम कर रहे थे। विपक्षी दल कहां सो गये थे। यह सभी लोग आइसोलेशन में चले गये थे। उत्तर प्रदेश की जनता 2022 के विधानसभा चुनाव में भी आइसोलेशन में भेज देगी। इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। सपा और बसपा को इसी प्रदेश ने सरकार चलाने, सेवा करने का अवसर दिया था। कोरोना काल में यह हाथ खड़ा कर लिये थे। दूसरे दिल्ली वाले हैं। उन्होंने कोरोना काल में यूपी वालों को भगा दिया था। आज जब चुनाव आ रहा है तो यूपी वाले याद आ रहे हैं। यह फ्री देंगे, वह फ्री देंगे, की बात कर रहे हैं। पहले भगवान राम को स्वीकारने को तैयार नहीं थे। उनके अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा कर रहे थे। आज वह भगवान राम का दर्शन करने के लिए अयोध्या जा रहे हैं। अच्छी बात है। भगवान राम की शरण में आना ही होगा। विपक्षी दलों का कोई भी नेता नहीं बचा होगा, जिसने स्वर्गीय बाबू जी (कल्याण सिंह) को कोसा नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले की सरकारों में सरकारी नौकरी को गिरवी समझा जाता था। हमारी सरकार में पारदर्शी व्यवस्था के तहत नौकरी मिल रही है। साढ़े चार लाख से अधिक युवाओं को नौकरी दी गयी है। पहले की सोच व्यक्तिगत थी, अपने परिवार तक थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरे देश को अपना परिवार मानकर योजनाएं लाते हैं। पहले इफ्तार की पार्टी देने के लिए सरकारी दफ्तरों में होड़ लग जाती थी। होली, दिवाली, दशहरा जैसे पर्व आने पर कर्फ्यू लग जाता था। पहले के लोग हमें त्योहार नहीं मनाने देना चाहते थे। आज हम खुशी पूर्वक पर्व मना रहे हैं।

योगी ने कहा कि सपा का विज्ञापन निकला था। मै आ रहा हूं। इसके बाद उक्त जिले में अपहरण हो गया। सपा के आने का मतलब यही है कि अपहरण, भ्रष्टाचार, गुण्डागर्दी का बढ़ जाना। 2012 में सपा की सरकार आने के साथ ही आतंकियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का काम किया गया। इसके उपरांत एक के बाद एक घटनाओं को उन लोगों ने अंजाम देना शुरू किया। 2013 में पश्चिम उत्तर प्रदेश दंगों की आग में जल रहा था। लोग पलायन करने को मजबूर थे। उनकी मंशा को हमें समझना होगा।

सभागार में बैठ लोगों की तरफ मुखातिब होकर योगी ने कहा कि आप लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैंने इससे पहले इस सभागार को भरा हुआ नहीं देखा है। इस उत्साह को विधानसभा चुनाव तक बनाए रखना है। प्रदेश के लिए इन लोगों ने कुछ किया होता तो प्रदेश का युवा पलायन करने को मजबूर नहीं होता। इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, केन्द्रीय मंत्री बीएल वर्मा, योगी सरकार के मंत्री संदीप सिंह, लाखन सिंह राजपूत, सांसद राजवीर सिंह रज्जू भैया समेत लोधी समाज से जुड़े अन्य विधायक और नेता मौजूद रहे।

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