तालिबानी फरमान से देश नहीं चलेगा: आचार्य चंद्रमोहन महाराज

मुजफ्फरनगर। दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर दलित युवक की हत्या के मामले में जहां और राजनीतिक पार्टियां रोटियां सेक रही है वहीं अब अध्यात्मिक गुरु चंद्रमोहन महाराज ने आगे आकर दलित परिवार को न्याय दिलाने के लिए 400 गाड़ियों के काफिले के साथ आज दिल्ली के सिंधु बॉर्डर जा रहे हैं जहां आचार्य चंद्र मोहन जी महाराज और उनके अनुयाई सिंधु बॉर्डर पर हवन यज्ञ कर मृतक दलित युवक की आत्मशांति के लिए प्रार्थना करेंगे। मुजफ्फरनगर में आज सुबह राज के इंटर कॉलेज मैदान में पहुंचे आचार्य चंद्रमोहन महाराज ने पीड़ित परिवार को ₹100000 सहायता राशि देने के साथ-साथ पंजाब की सरकार से पीड़ित परिवार को ₹5000000 की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। अचार्य चंद्रमोहन महाराज ने कहा है कि यह देश सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां संविधान चलता है लेकिन सिंधु बॉर्डर पर दलित युवक की हत्या किसी तालिबानी सजा से कम नहीं है इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि यह देश तालिबानी फरमान से नहीं चलेगा हिंदुस्तान देश का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां सभी धर्म और समाज के लोग रहते हैं और सभी का कानून और संविधान पर पूरा विश्वास है। सिंधु बॉर्डर पर दिल की हत्या बहुत बड़ा जघन्य अपराध है। अध्यात्मिक गुरु आचार्य चंद्रमोहन महाराज ने कहा कि अगर मृतक दलित मजदूर ने गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान किया था तो उसे पुलिस ने क्यों नहीं दिया गया अगर कोई अपराध हुआ होता तो उसकी कानूनी प्रक्रिया होती है जिसके तहत दोषी को सजा दी जाती है लेकिन यहां एक दूसरे मुल्क के कानून की तरह तालिबानी अंदाज कुछ लोगों द्वारा युवक की हत्या कर उसको सरेआम लटकाया गया जो बेहद शर्मनाक और जघन्य अपराध है। इस मामले में हम आज दिल्ली जा रहे हैं और वहां पर दलित युवक की हत्या के मामले में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से मिलेंगे हम चाहते हैं कि पंजाब के दलित युवक की हत्या के मामले में पंजाब सरकार पीड़ित परिवार को ₹5000000 का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। साथ ही इस पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा हो। आचार्य चंद्र मोहन महाराज से मिलने पहुंचे मृतक दलित युवक की बेवा और उनके परिजनों ने बताया कि मृतक युवक बहुत गरीब परिवार से है उसके तीन बेटियां हैं मजदूरी कर वह अपने परिवार का पालन पोषण करता था किसी के कहने पर वह दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर गया था हमें नहीं मालूम कि उसके साथ क्या घटना हुई लेकिन यह बताया गया उसने धार्मिक गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान किया है हमें नहीं मालूम उसने अपराध किया या नहीं किया हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच हो और पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से सहायता मिले।

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